आरंग में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर शुरू हुआ राजनीतिक और धार्मिक घमासान अब और भी गंभीर मोड़ ले चुका है। श्री सार्वजनिक नवदुर्गात्सव समिति महामाया पारा (बड़ी दुर्गा माँ) द्वारा आयोजित होने वाले भव्य जगराता कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार से जुड़े होर्डिंग्स (फ्लेक्सी) को हटाए जाने और उन्हें नगर पालिका के कचरा वाहन में फेंके जाने के मामले ने पूरे नगर में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना के विरोध में आज आरंग में सर्व समाज और नगर की सभी दुर्गा उत्सव समितियों की एक अति-महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन के इस कृत्य के खिलाफ कोई बड़ा और कड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला..?
पंचमी के पावन पर्व पर पद्मश्री अनुज शर्मा के विशेष जगराता कार्यक्रम का आयोजन समिति के संरक्षक एवं कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में होना तय हुआ है। इस आयोजन के व्यापक प्रचार के लिए समिति सदस्य दीपक सोनी ने अपने निजी खर्च से नगर के गौरवपथ पर लगभग 50 से अधिक फ्लेक्सी लगवाए थे। इन फ्लेक्सी में कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, समिति अध्यक्ष लल्ला साहनी और दीपक सोनी के चित्र अंकित थे। समिति का आरोप है कि नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जो स्वयं समिति के संरक्षक थे, फ्लेक्सी में अपनी तस्वीर न देखकर क्षुब्ध हो गए। इसके बाद जब समिति के सदस्य मूर्ति लाने के लिए नवागाँव गए हुए थे, उसी दौरान उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर नगर पालिका कर्मियों द्वारा सभी फ्लेक्सी उतरवा दिए गए।
सोशल मीडिया पर कचरा वाहन में माँ दुर्गा और कैबिनेट मंत्री की तस्वीरों वाली फ्लेक्सी फाड़कर फेंकने का वीडियो वायरल होने के बाद श्रद्धालुओं में भारी रोष व्याप्त हो गया। आपातकालीन बैठक में डॉ. संदीप जैन को समिति के संरक्षक पद एवं प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया, जिसके बाद नागरिक एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुँचे।
एकतरफा रिपोर्टिंग और भ्रामक दावों का सच
इस पूरे घटनाक्रम के उजागर होने के बाद कुछ वेब पोर्टलों द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष का एकतरफा पक्ष लेते हुए और बिना आयोजक समिति या प्रत्यक्षदर्शियों से बात किए निष्पक्ष पत्रकारिता की रिपोर्ट को ‘भ्रामक’ बताने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि यह खबर पूरी तरह से प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्यों, वायरल वीडियो प्रमाण, आयोजक समिति के आधिकारिक बयानों और पुलिस थाने पहुँचे आक्रोशित नागरिकों के बयानों के आधार पर निष्पक्षता से तैयार की गई है। सवाल यह उठ रहा है कि जिन वेब पोर्टलों ने इसे भ्रामक करार दिया, उन्होंने न तो आयोजक समिति के पदाधिकारियों से संपर्क करने की जहमत उठाई और न ही धरातल पर जाकर तथ्यों की पुष्टि की। बिना समिति का पक्ष जाने नगर पालिका अध्यक्ष की एकतरफा सफाई को प्रचारित करना खुद पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
सर्व समाज की बैठक पर टिकीं निगाहें
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन भले ही इन आरोपों को राजनीतिक द्वेष बता रहे हों, लेकिन नगरवासियों और धार्मिक समितियों में आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आज होने वाली सर्व समाज और सभी दुर्गा उत्सव समितियों की महाबैठक इस पूरे विवाद की अगली दिशा तय करेगी। मामले में पुलिस प्रशासन एफआईआर करता है या नहीं..?? समाज का क्या रुख रहता है..?? इस पर पूरे आरंग नगर की नजरें टिकी हुई हैं।

