कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पहल लाई रंग; संस्कृति विभाग ने जारी की प्रशासकीय स्वीकृति

 प्राचीन मूर्तियों और अवशेषों को मिलेगा नया ठिकाना, क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित

 आरंग: मंदिरों की नगरी के रूप में विख्यात ऐतिहासिक शहर आरंग की अमूल्य सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत को अब एक नया और भव्य ठिकाना मिलने जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग ने आरंग में संग्रहालय भवन (म्यूजियम) के निर्माण के लिए ₹25.35 लाख (पच्चीस लाख पैंतीस हजार रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस फैसले से क्षेत्र की सदियों पुरानी ऐतिहासिक पहचान को न केवल संरक्षण मिलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी हासिल होगी।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब की विशेष पहल और प्रयासों का परिणाम है।

स्वीकृति की प्रक्रिया और बजटीय प्रावधान

संचालक (पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय) द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को वित्त विभाग ने 24 अगस्त 2026 को अपनी औपचारिक सहमति प्रदान की थी। इसके तुरंत बाद संस्कृति विभाग, मंत्रालय (नया रायपुर) द्वारा निर्माण कार्य के लिए विधिवत आदेश जारी कर दिया गया।

  बजटीय प्रावधान: संग्रहालय निर्माण का संपूर्ण व्यय वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट (मांग संख्या-26, मुख्य लेखा शीर्ष-4202, 04-कला और संस्कृति) के अंतर्गत किया जाएगा।

 कार्य योजना: राशि स्वीकृत होते ही निर्माण एजेंसी तय कर जल्द से जल्द भूमिपूजन और निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है।

संग्रहालय बनने से आरंग को मिलने वाले प्रमुख लाभ

आरंग प्राचीन काल से ही दुर्लभ कलचुरि कालीन और जैन प्रतिमाओं, पुरातात्विक अवशेषों तथा शिल्पकला के लिए जाना जाता है। अब तक एक समर्पित स्थान न होने के कारण इन अमूल्य धरोहरों के रख-रखाव में कई व्यावहारिक चुनौतियां आ रही थीं।

 धरोहरों का सुरक्षित संरक्षण: दुर्लभ पुरातात्विक मूर्तियों, शिलालेखों और अवशेषों को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से प्रदर्शित किया जा सकेगा।

  पर्यटन को बढ़ावा: संग्रहालय के अस्तित्व में आने से रायपुर जिले के पर्यटन परिदृश्य में आरंग का महत्व और बढ़ जाएगा।

 रोजगार के अवसर: पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय व्यवसाय, गाइड और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को रोजगार के नए साधन मिलेंगे।

  शोध और ज्ञान का केंद्र: यह संग्रहालय विद्यार्थियों, इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए छत्तीसगढ़ के इतिहास को गहराई से समझने का प्रमुख केंद्र बनेगा।

क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का जताया आभार

आरंग में एक सर्वसुविधायुक्त संग्रहालय की मांग पिछले कई वर्षों से लंबित थी। कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब द्वारा त्वरित संज्ञान लेकर इसे स्वीकृत कराने पर स्थानीय नागरिकों, प्रबुद्धजनों, इतिहासविदों और जनप्रतिनिधियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह सौगात आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होगी।

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