छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला लेते हुए विभिन्न निगम, मंडल, बोर्ड और आयोगों के 18 पदाधिकारियों के दर्जे में बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे को आधिकारिक तौर पर राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है। शासन द्वारा जारी इस सूची में कुल 3 पदाधिकारियों को कैबिनेट मंत्री और 15 पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा सौंपा गया है।
बीजेपी का राजनीतिक समीकरण और 2028 की तैयारी
सियासी गलियारों में इस फैसले को भारतीय जनता पार्टी के बड़े चुनावी दांव के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव समीकरणों को साधने, सामाजिक संतुलन बनाने और विभिन्न जातियों व वर्गों को साधने की जुगत के तहत यह नियुक्तियां की गई हैं। पार्टी ने अभी से आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीतिक जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है, ताकि मैदानी स्तर पर कार्यकर्ताओं और प्रभावी नेताओं का मनोबल ऊंचा रहे।
आरंग, कसडोल और धरसींवा में बढ़ा प्रभाव
वरिष्ठ भाजपा नेता वेदराम मनहरे को राज्य मंत्री का दर्जा मिलते ही रायपुर,आरंग और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। आरंग, कसडोल (पलारी) और धरसींवा विधानसभा क्षेत्रों में वेदराम मनहरे की मजबूत पकड़ और गहरा राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।
दर्जा मिलने की खबर के बाद से ही उनके समर्थकों और बीजेपी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जगह-जगह आतिशबाजी और मिठाई बांटकर फैसले का स्वागत किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कद वृद्धि के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में वेदराम मनहरे आरंग, कसडोल या धरसींवा में से किसी एक सीट पर बीजेपी के मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ सकते हैं।

