‘आखर’ में लेखिका रजनी शर्मा बस्तरिया से साहित्यिक संवाद: बस्तर की माटी, भाषा और समकालीन साहित्य पर खुलकर की बात
“छत्तीसगढ़ी, हल्बी, गोंडी के साहित्य को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती” – रजनी शर्मा बस्तरिया बाल साहित्य के लेखक और पाठक दोनों की कमी चिंताजनक: रजनी शर्मा…
