स्थानीय सृजन सोनकर विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आरंग में हाल ही में छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, बाल सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना था।
‘सुरक्षित बचपन’ और पाक्सो एक्ट की जानकारी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आरंग शिवेंद्र कुमार टेकाम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए “अपना बचपन कैसे सुरक्षित रखें” इस पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पाक्सो एक्ट (POCSO Act) के विभिन्न प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया, ताकि बच्चे अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहें। न्यायाधीश शिवेंद्र कुमार टेकाम ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को गुड टच और बैड टच की पहचान होना बेहद आवश्यक है।
अत्याचार के खिलाफ मुखर होने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती राजेश्वरी जेरी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया कि “अपराध तभी होता है जब हम अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को चुपचाप सहते हैं।” उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार की गलत हरकत या प्रताड़ना के खिलाफ चुप न रहकर तुरंत अपने शिक्षकों, अभिभावकों या पुलिस को बताने के लिए प्रेरित किया।
साइबर क्राइम से बचाव और हेल्पलाइन नंबर
आज के डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में बच्चों को साइबर क्राइम (Cyber Crime) के तौर-तरीकों और उससे बचने के उपायों की जानकारी दी गई। आपातकालीन परिस्थितियों और समस्याओं के समाधान के लिए विद्यार्थियों को विशेष हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे बेझिझक मदद मांग सकें।
कक्षा नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस लाभकारी सत्र में विद्यालय के अध्यक्ष छत्रधारी सोनकर, प्राचार्य श्रीमती यशोदा योगी, कई पुलिस अधिकारी एवं समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम से विद्यार्थियों ने न केवल कानूनी जानकारियां प्राप्त कीं, बल्कि खुद को सुरक्षित रखने का आत्मविश्वास भी हासिल किया।

